दोस्ती की शायरी
आँखें तेरी जो नम हो, तो सोया न जाएगा
तेरी मोहब्बतों को, भुलाया न जाएगा
यारी को तेरी दिल से, कैसे जुदा करेंगे
तेरे सिवा किसीको, दिल में बसाया न जाएगा
बचपन की दोस्ती है, जवानी का साथ है
हर कदम हर लम्हा, हाथों में हाथ है
मिलके कभी न बिछड़े, आओ ये वादा कर ले
जलता हमसे ज़माना, कोई तो बात है
जैसे नजर से कोई, अश्क छलक रहा हो
रूठे तो लगे ऐसे, जैसे दम निकल रहा हो
तेरी मेरी वफ़ा के, किस्से कहेगी दुनियाँ
लगता है दोस्ती पे, ये ज़माना चल रहा हो
